• तिब्बती प्रधानमंत्री डॉ. लोबसंग सांगये मैक्लोडगंज पहुंचे ।

    ( कहा , चीन से वार्ता का दौर फिर शुरु करना होगी प्राथमिकता )
    तिब्बत निर्वासित सरकार के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री डा. लोबसंग सागंये निर्वाचित होने के बाद पहली बार मैक्लोडगंज पहुंचे। मैक्लोडगंज पहुंचे लोबसंग ने कहा कि उनका ड्रीम है कि दलाई लामा शीघ्र अतिशीघ्र तिब्बत स्थित पोटाला पैलेस में वापिस लौटें । उन्होंने एक मर्तबा फिर स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन के संदेशपर आधारित है। किंगफिशर की नियमित फ्लाइट में शुक्रवार दोपहर कांगडा एयरपोर्ट पर उतरने पर तिब्बत निर्वासित सरकार के केंद्रीय प्रशासन के आधिकारियों व नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ तिब्बत के पदाधिकारियों ने धर्म व संस्कृति मंत्री की अगुवाई में लोबसंग सांग्ये का भव्य स्वागत किया।
    लोबसंग सांग्ये के आगमन की सूचना मिलते ही सुबह से निर्वासित तिब्बती भारी संख्या में कांगडा एयरपोर्ट पहुंचना शुरु हो गए थे। अमेरिका की हॉवर्ड यूनिवर्सिटी के लॉ स्कूल के पूर्व छात्र रहे डॉ. लोबसंग सांगये का कहना है कि तिब्बत समस्य हल के लिए चीनी शीर्षस्थ नेतृत्व से वार्ता का दौर पुन शुरु करना उनकी प्राथमिकताओं में शुमार है। डॉ. लोबसंग ने कहा कि तिब्बत मसले पर हमारा दृष्टिकोण बिल्कुल स्पष्ट है, इसके लिए चीनी सरकार से तिब्बत मसले पर कहीं भी, किसी भी समय वार्ता के लिए तैयार है। तिब्बत निर्वासित सरकार की स्वायत तिब्बत की स्पष्ट नीति को लोबसंग ने चीनी प्रशासन के समक्ष सीधे तौर पर उठाने की अपनी वचनबद्धता दोहराई है। इसके बाद तिब्बती सविधान के अनुसार संबंधित बदलाव किए जा सकते है, हम इंतजार करेंगे कि इस पर चीनी प्रशासन की प्रतिक्रिया क्या रहती है। पूर्व में लोबसंग सांगये तिब्बतियन यूथ कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करते हुए तिब्बत की पूर्ण आजादी की मांग भी जोर -शोर से उठा चुके है। दलाई लामा के निर्णय पर अंतिम मोहर के लिए 21 से आंरभ होने वाली बैठक में भाग लेंगे । डॉ. लोबसंग 15 अगस्त 2011 को निर्वासित सरकार के सीधे तौर पर निर्वासित सरकार के सीधे तौर पर निर्वाचित तीसरे प्रधानमंत्री के रुप में पद एंव गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी।

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