• तिब्बती बौद्ध धर्म नालंदा परंपरा का शुद्ध रूप : दलाईलामा

    जागरण, 7 अक्टूबर 2014

    f00000525जागरण संवाददाता, धर्मशाला : मैक्लोडगंज स्थित चुगलाखंग बौद्ध मठ में सोमवार से तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा की चार दिवसीय टीचिंग शुरू हुई। इसमें दलाईलामा नागार्जुन के मौलिक ज्ञान ग्रंथ पर शिक्षा देंगे। टीचिंग में करीब चार हजार बौद्ध अनुयायी भाग ले रहे है। इनमें करीब 800 ताइवान के नागरिक हैं।

    टीचिंग के पहले दिन दलाईलामा ने कहा कि तिब्बती बौद्ध धर्म नालंदा परंपरा से बौद्ध धर्म का एक शुद्ध रूप है। तिब्बती बौद्ध धर्म आमतौर पर उप विभाजित है। इसके चार भाग हैं, जिनमें शाक्या, गेलूग, काग्यू और निग्मा है। इनकी शिक्षा व अनुष्ठान में कुछ मतभेद हो सकता है, लेकिन इनकी सभी संप्रदायों का मूल सार एक ही है।

    दलाईलामा ने कहा कि हम सभी नागार्जुन के अनुयायी हैं। भले ही संप्रदाय अलग हो। उन्होंने सभी धर्मो के उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला।

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