• ‘निश्चित रूप से इसमें कोई संदेह नहीं है कि मैं सौ साल से अधिक वर्षों तक जीवित रहूंगा’: तनेशग, धर्मशाला में परम पावन दलाई लामा

    तिब्बत.नेट, 17 मई, 2019

    धर्मशाला। सीटीए के नेतृत्व में दुनिया भर के तिब्बतियों ने आज मुख्य मंदिर त्सुगलखंग में तेनशुग  के द्वारा परमपावन दलाई लामा के दीर्घायु जीवन और अच्छे स्वास्थ्य के लिए अटूट विश्वास और श्रद्धा को एक बार फिर से प्रकट किया।

    यह सीटीए की तेनशुग का दूसरा अर्पण था। पहली तेनशुग पिछले साल दिसंबर में बोधगया में परम पावन के प्रवचन के दौरान दी गई थी।

    इस तिब्बती धार्मिक समारोह में हजारों लोग शामिल हुए। इनमें तिब्बत की विभिन्न  धार्मिक परंपराओं के प्रतिनिधि जैसे- शाक्य त्रिज़िन रिनपोछे, गादेन त्रि रिनपोछे, शार्त्से चोंजे रिनपोछे, झंग्तेस चोंजे रिनपोछे, ताई सिटु रिनपोछे, पोंलोप रिनपोछे, रिगो तुलकु रिनपोछे शामिल हैं। इनके साथ ही सीटीए के विभिन्न विभागों के मंत्री, विभागों के सचिव और संयुक्त सचिव और सीटीए अधिकारी इस समारोह में उपस्थित रहे। तिब्बतियों के अलावा, कई विदेशी अतिथियों ने भी प्रार्थनाओं के इस भव्य समारोह को देखा।

    तिब्बती कला प्रदर्शन  का संस्थान के कलाकारों ने परमपावन दलाई लामा के स्वागत में आस्था और विश्वास की प्रतिध्वनि के साथ उनके स्वागत में ओपेरा नृत्य का प्रदर्शन किया।

    मुख्य मंदिर में परमपावन दलाई लामा के आसन के पास उनके साथ सीटीए के राष्ट्रपति डॉ. लोबसांग सांगेय, मुख्य न्यायाधीश आयुक्त कारग्यू धोंडुप और स्पीकर पेमा जुंगनी थे।

    विस्तृत तेनशग प्रार्थना में आए प्रतिभागियों और आयोजकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए परमपावन दलाई लामा ने एक बार फिर मानवता की सेवा के लिए और विशेष रूप से तिब्बती लोगों के लाभ और तिब्बत मुद्दे के लिए 100 से अधिक वर्षों तक जीवित रहने की इच्छा का इजहार किया।

    सभा को संबोधित करते हुए परम पावन ने हाल के अपने स्वास्थ्य के बारे में चर्चा कीं। उनके स्वास्थ्य  को लेकर पिछले दिनों उनके अनुयायियों और शुभचिंतकों में व्यापक चिंताएं पैदा हो गई थीं। इस बारे में उन्हें जल्दी से कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इसलिए इन शुभचिंतकों और अनुयायियों ने परम पावन के लिए स्वास्थ्य संबंधी प्रार्थनाएं की थीं और उन्हें शुभकामनाएं भेजी थीं। इसके लिए परम पावन ने उन्हें एक बार फिर से धन्यवाद दिया।

    मन से की गई प्रार्थना की शक्ति को स्वीकार करते हुए परम पावन ने इस बात की पुष्टि की कि उनके लंबे जीवन के लिए की गई प्रार्थनाएं और उनके लिए दिए गए आशीर्वाद वास्तव में ईमानदार हैं और इसलिए यह संभावना है कि ये प्रार्थनाएं उनके लिए काफी लाभदायक साबित होंगी।

    दुनिया भर में सीटीए और तिब्बतियों द्वारा मिलकर आयोजित की गई लंबी जीवन प्रार्थना के बारे में बोलते हुए परम पावन ने कहा कि वह न केवल तिब्बती मुद्दे और लोगों के लिए, बल्कि अपने पुनरावर्ती शिक्षाओं और बातों के माध्यम से मानवता के कल्याण के लिए मानव प्रेम और करुणा को लेकर व्यापक पैमाने पर सेवा का काम कर रहे हैं।

    परम पावन ने तब अपने द्वारा देखे गए शुभ सपनों में से एक का वर्णन किया जिसमें उनका साक्षात्कार ल्हामो-ल्हा-त्सो (तिब्बत में ओरेकल झील) के रक्षक पाल्डेन ल्हामो से हुआ और जिन्होंने भविष्यवाणी की थी कि परम पावन 110 वर्षों तक जीवित रहेंगे।

    परम पावन दलाई लामा ने पुष्टि की कि ‘हालांकि अब मैं 84 साल का हूं, फि‍र भी मैं बहुत स्वस्थ हूं। इसलिए मुझे लगता है कि निश्चित रूप से इसमें कोई संदेह नहीं है कि मैं 110 साल तक जीवित रहूंगा। मुझे अब केवल आराम करने और गुणवत्ता का समय चाहिए’।

    परम पावन दलाई लामा द्वारा घोषित यह विशेष पुष्टि वास्तव में साठ लाख तिब्बतियों की लंबे समय से चली आ रही सामूहिक आकांक्षाएं हैं और अच्छी खबर सुनने पर उनकी खुशी की कोई सीमा नहीं रहती हैं।

    परम पावन के जीवन के इस 84वें वर्ष में सभी बाधाओं के निवारण के लिए और उनकी परोपकारी इच्छाओं की पूर्ति के लिए भी तेनशग प्रार्थना को देखी जा रही है।

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